दोस्तों ,
मैं पूर्वांचल बैंक में काम करता हूँ। मैं गोरखपुर शहर में पैदा हुआ,यहीं पला बढ़ा ,पढ़ा लिखा , घर बसाया . लोग गांवों से पढने लिखने, काम करने शहर आते हैं पर नौकरी मेरी ऐसी है कि रोज़ शहर से गांव की ओर जाता हूँ। गांवों में गया ,लोगों से मिला जुला उनके बीच उठना बैठना अच्छा लगने लगा । लिखने का शौक था .गांव के माहौल में तमाम अछूते विषय मिले .सामाजिक , आर्थिक , राजनीतिक परिवर्तन का संक्रमण काल है.इन पर गौर करना ज़रूरी है .मेरा लेखन गांव के माहौल से जुड़ा है इसलिए पात्र,भाषा, संस्कृति और प्रसंग ज्यादातर इन्हीं से प्रभावित हैं .भोजपुरी भाषा का भी प्रयोग है .आशा है आपको पसंद आयेगा।
रवि राय
कार्तिक पूर्णिमा 2 नवम्बर 2009 मोबाइल # 9452 454688
30 वीर बहादुर पुरम , पत्रालय - कूड़ाघाट , निकट मालवीय इंजीनियरिंग कालेज ,गोरखपुर .273 008
मैं पूर्वांचल बैंक में काम करता हूँ। मैं गोरखपुर शहर में पैदा हुआ,यहीं पला बढ़ा ,पढ़ा लिखा , घर बसाया . लोग गांवों से पढने लिखने, काम करने शहर आते हैं पर नौकरी मेरी ऐसी है कि रोज़ शहर से गांव की ओर जाता हूँ। गांवों में गया ,लोगों से मिला जुला उनके बीच उठना बैठना अच्छा लगने लगा । लिखने का शौक था .गांव के माहौल में तमाम अछूते विषय मिले .सामाजिक , आर्थिक , राजनीतिक परिवर्तन का संक्रमण काल है.इन पर गौर करना ज़रूरी है .मेरा लेखन गांव के माहौल से जुड़ा है इसलिए पात्र,भाषा, संस्कृति और प्रसंग ज्यादातर इन्हीं से प्रभावित हैं .भोजपुरी भाषा का भी प्रयोग है .आशा है आपको पसंद आयेगा।
रवि राय
कार्तिक पूर्णिमा 2 नवम्बर 2009 मोबाइल # 9452 454688
30 वीर बहादुर पुरम , पत्रालय - कूड़ाघाट , निकट मालवीय इंजीनियरिंग कालेज ,गोरखपुर .273 008